बस तू नहीं है…..

बस तू नहीं है…..

चुडी क्या कहती है, सुनो तो ज़रा सुनो तो ज़रा
तुझे याद करती है सुबह शाम ये
तेरी याद में बजती है रात रात भर

पायल क्या कहती है, सुनो तो ज़रा सुनो तो ज़रा
तुझे बुलाती है सुबह शाम ये

काजल क्या कहता है, सुनो तो ज़रा सुनो तो ज़रा
मेरा रंग नंही चढता ईन अंखियों पे
तेरी याद में भिगी रहती हैं

बिंदिया क्या कहती है, सुनो तो ज़रा सुनो तो ज़रा
श्रंगार अधूरा है तेरे दीदार के बिना

चुडी, पायल, काजल, बिंदिया सब साथ है
बस तू नहीं है…..
बस तू नहीं है…..
बस तू नहीं है…..
बस तू नहीं है…..

writer – Priya Shrivastava

admin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *